छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस
मुंबई का ये स्टेशन सिर्फ रेलवे हब नहीं, बल्कि इतिहास, कला और गर्व का प्रतीक है। चलो इसकी गहराई में चलते हैं।
1887 में हुआ था निर्माण शुरू
ब्रिटिश राज में बना यह स्टेशन “विक्टोरिया टर्मिनस” के नाम से शुरू हुआ था। इसे बनने में पूरे 10 साल लगे।
स्थापत्य की मिसाल
इसकी बिल्डिंग विक्टोरियन गोथिक और भारतीय स्थापत्य शैली का अद्भुत मेल है। हर दीवार में इतिहास बसा है।
रोज़ 3 लाख से ज़्यादा यात्री
यह भारत के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक है। यहाँ से लोकल और लंबी दूरी की ट्रेनें चलती हैं।
UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट
2004 में इसे वर्ल्ड हेरिटेज का दर्जा मिला। यह स्टेशन न सिर्फ व्यस्त है, बल्कि विश्व में भी मान्यता प्राप्त है।
फिल्मों और कहानियों में दिखा ये स्टेशन
“स्लमडॉग मिलियनेयर” से लेकर “जब वी मेट” तक – इस स्टेशन को बॉलीवुड ने भी बार-बार दिखाया।
गर्व और गौरव का प्रतीक
छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस सिर्फ एक स्टेशन नहीं, बल्कि मुंबई की धड़कन और भारत की शान है
भारत की सबसे लग्ज़री ट्रेन, देखोगे तो आंखें फटी रह जाएंगी!