शुभांशु शुक्ला समुद्र में उतरे, लेकिन राकेश शर्मा ज़मीन पर क्यों?

शुभांशु शुक्ला का यान समुद्र में उतरा , जबकि राकेश शर्मा ज़मीन पर लैंड हुए थे... ऐसा क्यों? इसके  पीछे है एक दिलचस्प वजह>

राकेश शर्मा 1984 में Soyuz से धरती पर लौटे थे। वहीं शुभांशु शुक्ला का यान 2025 में समुद्र में उतरा।

राकेश शर्मा रूसी मिशन का हिस्सा थे, इसलिए उनकी लैंडिंग रूस की ज़मीन पर हुई, खुले मैदान में पैराशूट से।

शुभांशु भारत के पहले भारतीय मिशन का हिस्सा थे, जो पूरी तरह ISRO द्वारा संचालित था।

गगनयान कैप्सूल को US स्पेस मिशनों की तरह बनाया गया है। ऐसे यान समुद्र में स्प्लैशडान करते हैं।

समुद्र लैंडिंग में impact कम होता है। पानी में उतरने से स्पेस कैप्सूल को सुरक्षित recovery मिलती है।

शुभांशु को कोस्ट गार्ड, नौसेना और हेलिकॉप्टर्स के ज़रिए समुद्र से निकाला गया। ISRO ने ऑपरेशन को live track किया।